शशांक शेखर बाजपेई।
पटना इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले नीतीश कुमार का जन्म साल 1951 में बिहार के एक दलित परिवार में हुआ था। उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। नीतीश ने राजनीति के गुण जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जॉर्ज फर्नाडीज से सीखे थे।
आज बिहार की राजनीति में चाणक्य नाम से मशहूर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की शुरूआत साल 1977 में हुई थी। तब उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। साल 1985 को नीतीश बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए।
एनडीए से तोड़ा नाता
नीतीश कुमार अब तक तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस बार के चुनाव में उनका गठबंधन जीत की तरफ आगे बढ़ रहा है। मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने एनडीए से पुराना नाता तोड़ लिया था।
पारिवारिक जीवन
नीतीश का उपनाम मुन्ना है। नीतीश ने 22 फरवरी 1973 को पेशे से इंजीनियर मंजू कुमारी सिन्हा से शादी की थी। नीतीश कुमार का एक पुत्र है जो बीआईटी से ग्रेजुएट है।
ऐसा रहा राजनीतिक सफर
वर्ष 1987 को नीतीश कुमार बिहार के युवा लोकदल के अध्यक्ष बने और इसके दो साल बाद 1989 में उन्हें जनता दल (बिहार) का महासचिव बना दिया गया। अब तक नीतीश ने अच्छी खासी राजनीतिक पहचान बना ली थी। यह वर्ष उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव लाया।
वर्ष 1989 में नीतीश को 9वीं लोकसभा के लिए चुना गया, जो लोकसभा में उनका पहला कार्यकाल था। इसके बाद साल 1990 में नीतीश अप्रैल से नवंबर तक कृषि एवं सहकारी विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। साल 1991 में दसवीं लोकसभा का चुनाव हुए नीतीश एक बार फिर से संसद में पहुंचे। इसी साल नीतिश कुमार जनता दल के महासचिव बने और संसद में जनता दल के उपनेता भी बने।
वर्ष 1993 को नीतीश को कृषि समित का अध्यक्ष बनाया गया। साल 1996 में वह 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए। नीतीश साल 1996–98 तक रक्षा समिति के सदस्य भी रहे। साल 1998 में वह फिर 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए। 1998-99 तक रेलवे मंत्री भी रहे। साल 1999 में नीतीश कुमार 13वीं लोकसभा के लिए चुने गए और केंद्रीय कृषि मंत्री बने।
दो बार बने मुख्यमंत्री
साल 2000 नीतीश के राजनीतिक करियर का सबसे अहम मोड़ था। इस साल नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। उनका बेहद अल्पकालिक कार्यकाल 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000 तक चला। साल 2000 में नीतीश एक बार फिर से केंद्रीय कृषि मंत्री रहे। साल 2001 में नीतीश को रेलवे का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
साल 2001 से 2004 तक वह केंद्रीय रेलमंत्री रहे, जिस दौरान 2002 के गोधरा कांड के बाद गुजरात सांप्रदायिकता की आग में जल गया था। साल 2004 में नीतीश 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए। साल 2005 में नीतीश कुमार पहली बार सही मायने में मुख्यमंत्री बने। यह कार्यकाल 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक चला। 26 नवंबर 2010 को नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।
पटना इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले नीतीश कुमार का जन्म साल 1951 में बिहार के एक दलित परिवार में हुआ था। उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। नीतीश ने राजनीति के गुण जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जॉर्ज फर्नाडीज से सीखे थे।
आज बिहार की राजनीति में चाणक्य नाम से मशहूर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की शुरूआत साल 1977 में हुई थी। तब उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। साल 1985 को नीतीश बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए।
एनडीए से तोड़ा नाता
नीतीश कुमार अब तक तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस बार के चुनाव में उनका गठबंधन जीत की तरफ आगे बढ़ रहा है। मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने एनडीए से पुराना नाता तोड़ लिया था।
पारिवारिक जीवन
नीतीश का उपनाम मुन्ना है। नीतीश ने 22 फरवरी 1973 को पेशे से इंजीनियर मंजू कुमारी सिन्हा से शादी की थी। नीतीश कुमार का एक पुत्र है जो बीआईटी से ग्रेजुएट है।
ऐसा रहा राजनीतिक सफर
वर्ष 1987 को नीतीश कुमार बिहार के युवा लोकदल के अध्यक्ष बने और इसके दो साल बाद 1989 में उन्हें जनता दल (बिहार) का महासचिव बना दिया गया। अब तक नीतीश ने अच्छी खासी राजनीतिक पहचान बना ली थी। यह वर्ष उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव लाया।
वर्ष 1989 में नीतीश को 9वीं लोकसभा के लिए चुना गया, जो लोकसभा में उनका पहला कार्यकाल था। इसके बाद साल 1990 में नीतीश अप्रैल से नवंबर तक कृषि एवं सहकारी विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। साल 1991 में दसवीं लोकसभा का चुनाव हुए नीतीश एक बार फिर से संसद में पहुंचे। इसी साल नीतिश कुमार जनता दल के महासचिव बने और संसद में जनता दल के उपनेता भी बने।
वर्ष 1993 को नीतीश को कृषि समित का अध्यक्ष बनाया गया। साल 1996 में वह 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए। नीतीश साल 1996–98 तक रक्षा समिति के सदस्य भी रहे। साल 1998 में वह फिर 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए। 1998-99 तक रेलवे मंत्री भी रहे। साल 1999 में नीतीश कुमार 13वीं लोकसभा के लिए चुने गए और केंद्रीय कृषि मंत्री बने।
दो बार बने मुख्यमंत्री
साल 2000 नीतीश के राजनीतिक करियर का सबसे अहम मोड़ था। इस साल नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। उनका बेहद अल्पकालिक कार्यकाल 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000 तक चला। साल 2000 में नीतीश एक बार फिर से केंद्रीय कृषि मंत्री रहे। साल 2001 में नीतीश को रेलवे का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
साल 2001 से 2004 तक वह केंद्रीय रेलमंत्री रहे, जिस दौरान 2002 के गोधरा कांड के बाद गुजरात सांप्रदायिकता की आग में जल गया था। साल 2004 में नीतीश 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए। साल 2005 में नीतीश कुमार पहली बार सही मायने में मुख्यमंत्री बने। यह कार्यकाल 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक चला। 26 नवंबर 2010 को नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।

No comments:
Post a Comment