शशांक शेखर बाजपेई। ग्रहों के सेनापति मंगल 02 मई को धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं, जहां वह 06 नवंबर तक रहेंगे। मकर राशि में इन्हें उच्च प्रभाव देने वाला माना गया है। इस राशि में केतु पहले से मौजूद हैं। वैसे तो छाया ग्रह केतु जिस भी ग्रह के साथ होते हैं, उसी का स्वभाव ग्रहण कर लेते हैं। मगर, इन्हें मंगल के समान माना गया है। ऐसे में मकर राशि में मंगल के साथ मौजूद केतु भी मंगल के जैसा ही प्रभाव देंगे। 'शनि वत राहु- कुज वत केतु'।
मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगलवार का व्रत और हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी साबित होगा। मंगल की महादशा 7 वर्ष तक रहती है। इस दौरान कुछ सावधानियां रखी जाएं, तो जिन लोगों की कुंडली में मंगल उच्च के हैं या लाभ स्थान में बैठे हैं, उन्हें प्रमोशन, तरक्की, आर्थिक लाभ के मौके मिलेंगे। मान सम्मान बढ़ेगा। जिन जातकों की कुंडली में मंगल की स्थिति ठीक नहीं है, वे विशेष सतर्कता रखें।
यहां एक बात और ध्यान रखने की है कि यह युति शनि के घर मकर में हो रही है। शनि का आधिपत्य होने के कारण वह जातक को सीमाओं में बांधना चाहते हैं। नियम- कायदों का पालन करने के लिए बाध्य करते हैं, वहीं मंगल स्वतंत्र विचार, उग्रता, नियमों को न मानने वाला ग्रह है। जानते हैं राशियों पर इस गोचर के प्रभाव...
मेष
मंगल का गोचर आपकी राशि से दसवें स्थान पर होगा। अत: आपको शुभ समाचार मिलेंगे। नौकरी, व्यापार, व्यवसाय में विस्तार होगा। कोई नया काम शुरू करना चाह रहे हैं तो उसके लिए भी समय शुभ है।
वृषभ
मंगल का गोचर आपकी कुंडली में नौवें भाव में रहेगा। धर्म-कर्म की ओर मन आकृष्ट होगा। लंबी यात्राओं के योग बन रहे हैं। जिन लोगों के काम का संबंध विदेश से है, उन्हें इस दौरान ज्यादा लाभ हो सकता है।
मिथुन
मंगल का गोचर आठवें भाव में होगा, जो आपके लिए बहुत शुभ नहीं है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
कर्क
मंगल का गोचर आपकी कुंडली में सातवें भाव में रहेगा। मंगल की यह स्थिति मिश्रित परिणाम देगी। काम धंधे और संतान के लिए काफी अनुकूल परिणाम मिलेंगे। पत्नी के साथ संबंधों में तनाव हो सकता है।
सिंह
मंगल का गोचर आपकी कुंडली में छठवें भाव में रहेगा। इस अवधि में दूर की यात्रा में परेशानी हो सकती है, लिहाजा सतर्क रहें। खर्च बढ़ेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय अनुकूल है।
कन्या
मंगल का गोचर पांचवें भाव में होगा। कम दूरी की यात्राएं हो सकती हैं। छोटे भाइयों से मदद मिल सकती है।
तुला
मंगल का गोचर चौथे भाव में रहेगा। यह ग्रह परिवर्तन आपके लिए शुभ है। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। उग्रता में नियंत्रण रखें।
वृश्चिक
मंगल का गोचर तीसरे भाव में शुभ रहेगा। छोटे भाइयों से मदद मिलेगी। मान-सम्मान बढ़ने के भी योग हैं। कार्यस्थल पर बेहतर कार्य करेंगे।
धनु
मंगल का गोचर दूसरे भाव में रहेगा। कुछ खर्चे अचानक हो सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें। परिवार के सदस्यों से बनाकर चलें।
मकर
मंगल का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और क्रोध पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाने में थोड़ी सावधानी बरतें। भूमि या भवन खरीदने के योग बनेंगे।
कुंभ
मंगल का गोचर 12वें भाव में रहेगा। इस दौरान सावधान रहें, फिजूल खर्ची से बचें। यात्रा के योग बन सकते हैं। यदि आपका काम विदेश से संबंधित है, तो लाभ होगा।
मीन
मंगल का गोचर 11वें भाव में रहेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, भाग्य साथ देगा। यात्रा के योग बनेंगे और आय के योग बनेंगे।