'अमेरिका फर्स्ट' के वादे से लोगों के वोटों को अपनी जीत में बदलने वाले डोनाल्ड ट्रंप के लिए आने वाले दिन आसान नहीं होंगे। चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना आसान काम नहीं होगा।
शुरुआती 100 दिनों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने पिछले महीने पेनसिल्वेनिया के गेटिसबर्ग में अपने भाषण में पहले 100 दिनों का एजेंडा देश के सामने रखा था।
उन्होंने कहा था कि अमेरिका से 20 लाख अवैध प्रवासियों को देश निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस दौरान जो देश अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार करेंगे, उनकी वीजा मुक्त यात्रा की छूट खत्म की जाएगी।
ओबामा के हर सरकारी ऑर्डर को रद्द किया जाएगा। इसमें विवादास्पद रही ओबामा केयर पॉलिसी भी शामिल है। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद को भी बंद कर देंगे, जो आतंकवाद के खिलाफ जंग के नाम पर दी जाती रही है।
मुस्लिम विरोधी विवादास्पद बयान के कारण चर्चा में आए ट्रंप के सामने इस्लामिक कट्टरवाद से निपटना भी बड़ी चुनौती होगा। उनकी जीत की खबर सामने आने के बाद में अफगान तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्रंप को संदेश दिया है कि अमेरिका को विकसित करने की नीति दूसरे देशों की आज़ादी छीनने वाली न हो।
मुजाहिद ने कहा कि दूसरे देशों की बर्बादी पर अपने राष्ट्रीय हित न देखे जाएं, ताकि दुनिया अमन के साथ रहे और मौजूदा जारी संकट खत्म हो। इसके साथ ही यह आशंका भी जाहिर की जा रही है कि वह रूस के साथ मिलकर चरमपंथी आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।
इसके साथ ही वह संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम को दी जाने वाली अमेरिकी मदद पर भी रोक लगाएंगे। इन पैसों से वह अमेरिकी बुनियादी ढांचे का विकास करेंगे।
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