Wednesday, July 1, 2015

15 साल में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में दूसरा डिफॉल्टर देश बना ग्रीस

शशांक शेखर बाजपेई। 
ग्रीस अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का डिफॉल्टर बनने वाला दुनिया का पहला विकसित देश बन गया है। पिछले 15 वर्षों में यह दूसरा मौका है जब आईएमएफ से किसी देश को डिफॉल्‍टर घोषित किया गया है। इससे पहले 2001 में जिम्बाब्वे ने समय पर कर्ज नहीं चुकाया था। जीवनस्तर के लिहाज से चूक करने वाला यूनान सबसे अमीर देश होगा।

वह तय समयसीमा के अंदर आईएमएफ को कर्जे का 1.7 अरब डॉलर नहीं लौटा पाया है। आईएमएफ के फंड प्रवक्ता गेरी राइस ने कहा कि मैं इस बात की पुष्टि करता करता हूं कि संगठन को समय सीमा के अंदर ग्रीस से पैसे वापस नहीं मिले। उन्होंने कहा कि हमने अपने एग्जीक्यूटिव बोर्ड को सूचना दे दी है कि ग्रीस पर बहुत बकाया हो गया है और उसे अब आईएमएफ से फंड तभी मिल सकता है, जब वह पिछले बकाए का भुगतान कर दे।
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इससे पहले ग्रीस ने साफ कह दिया था कि वह कर्ज का भुगतान नहीं कर पाएगा। इस बीच चिंता की बात यह है कि ग्रीस का यूरोपीय संघ, यूरोपीय केंद्रीय बैंक और आईएमएफ जैसे कर्जदाताओं से अंतरराष्ट्रीय बेलआउट प्रोग्राम की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ग्रीस संकट से यूरो क्षेत्र टूट सकता है और इस बात की भी आशंका है कि अन्य समस्याग्रस्त देशों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।

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