Saturday, February 21, 2015

सत्‍ता के लिए अब पैगंबर भी हो गए महादेव

शशांक शेखर  बाजपेई

सत्‍ता का नशा क्‍या-क्‍या न करा दे। क्‍या-क्‍या न कहला दे। देवों के देव महादेव अब मुस्लिमों के पैगम्‍बर बन गए हैं। सृष्‍िट के संहारक महादेव, जो सृष्टि के सृजन से पहले भी और संहार के बाद भी रहेंगे। अब सबसे नए धर्म के पहले पैगम्‍बर बताए जा रहे हैं। जमीयत उलेमा के मुफ्ती मोहम्मद इलियास ने बुधवार को अयोध्या में विवादित बयान देते हुए कहा था कि भगवान शंकर मुस्लिमों के पहले पैगंबर हैं।

योग गुरु बाबा रामदेव ने भी माना है कि मुसलमानों के पहले पैगंबर भगवान शंकर थे। रामदेव के मुताबिक मुफ्ती का हिंदू देवताओं में अपना पैगंबर देखना गलत नहीं है। मुफ्ती ने भाईचारे की मिसाल पेश की है। उन्‍होंने कहा कि वेद सबसे पुराने ग्रंथ हैं और कुरान सबसे नया। यानी देवों के देव महादेव सबसे नए धर्म के पैगंबर बनकर धरती पर आए।

इतिहासकार पीएन ओक ने एक किताब में लिखा है कि मक्का और उस इलाके में इस्लाम के आने से पहले से मूर्ति पूजा होती थी। हिंदू देवी-देवताओं के मंदिर थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि काबा में भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग है। यदि ज्‍योतिर्लिंग पहले से ही बना है। यानी शिव पूजा इस्‍लाम धर्म की शुरुआत के पहले से से रही है, तो शिव पहले पैगंबर कैसे हो गए।

अलबत्‍ता मौलाना मुफ्ती की उस बात से जरूर इत्‍तेफाक रखता हूं कि मुसलमान भी सनातन धर्मी हैं और हिंदुओं के देवता शंकर और पार्वती हमारे भी मां-बाप हैं। आरएसएस के हिंदू राष्ट्र वाली बात पर उनके उस मत का भी समर्थन किया जा सकता है कि जिस तरह से चीन में रहने वाला चीनी, अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी है, उसी तरह से हिंदुस्तान में रहने वाला हर शख्स हिंदू है। यह तो हमारा मुल्की नाम है।

No comments: