सरकार चाहे किसी भी दल की हो, चलती उसी की है जिस के हाथ में लाठी होती है। फोटोग्राफर हरीओम गहलोत ने इस काला बाजारी को कैद किया अपने कैमरे से। इस काला बाजारी को कैद करने के लिए ७ दिनों का प्लेन और ५ घंटो की मेहनत ने अंजाम दे दिया।
बहुत बढ़िया....लेकिन मैं साथ में ये भी कहना चाहूँगा....कि सरकार...हाथों में लाठियों वाली सरकार.. भी तो हमारी ही गलतियों का नतीजा है...ये जनतंत्र है...इसीलिए सरकार की कमियों में हमरी कमियां भी परिलक्षित होती हैं...
3 comments:
बहुत खूब
कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा दे.. जिससे की टिप्पणी देने में सुविधा होगी
हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है. नियमित लेखन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाऐं.
वर्ड वेरिपिकेशन हटा लें तो टिप्पणी करने में सुविधा होगी. बस एक निवेदन है.
बहुत बढ़िया....लेकिन मैं साथ में ये भी कहना चाहूँगा....कि सरकार...हाथों में लाठियों वाली सरकार.. भी तो हमारी ही गलतियों का नतीजा है...ये जनतंत्र है...इसीलिए सरकार की कमियों में हमरी कमियां भी परिलक्षित होती हैं...
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